पुस्तक – परसु

समर्पण
भाई बिरदी मल दासोत
पत्नी श्रीमती विमला दासोत
को

अनुक्रमाणिका

१ काला शहर | २: दृष्टिकोण | ३. नौकरी पेशा | ४. महेँगाई | ५. क्रांति के बाद | ६ बेवकूफ | ७. गुलामी | ८. फूल | &. भूख | १०. लुटे राहगीर | ११- अन्तर | १२. इस बार | १३. माता | १४. बेरोजगार | १४. सिफ़ारिश | १६ सवेरा होने वाला है | १७. लाचारी | १८- तस्वीर | १६. अकर्मण्य | २०. स्वाद | २१. संघर्ष | २२. जाने क्यों | २३. रिटायरमेन्ट | २४. निशान | २५. बलात्कारी | २६ मेरी लघुकथा | २७- व्यवस्था | २८- समाजवाद | २६. सज़ा | ३०. अभी-अभी | ३१. उसके क़दम | ३२. चारों तरफ़ | ३३- उसकी उम्र | ३४. साहब | ३५. मशीन | ३६- गुलाब जामुन का टुकड़ा | ३७. पति का घर | ३८- उसका डंडा | ३६. अपना हिस्सा | ४०- साथियों, मेरे भाइयों | ४१ गुड़िया | ४२. तमाचा | ४३. पहचान | ४४. कोशिश | ४५. उतार लो | ४६. अधूरा नक्शा | ४७- राजा | ४८. रेखांकन | ४६. भंडा | ५०. खोया हुआ आदमी | ५१. मर्दानिगी | ५२. समाज सेवी | ५३. फ़ायदा | ५४. वह भुक गया | ५५. शव | ५६. यह भी सच है | ५७. यही जवाब | ५८- तुम्हारी बिटिया | ५६. रूखी रोटी | ६०. राष्ट्र निर्माता | ६१. याद रखना | ६२. रही थी कि”* | ६३. उल्दे अक्षर | ६४. बड़े दरवाज़े का पर्दा | ६५. कुर्सो | ६६. अपनी कमीज | ६७. सुनों लघुकथा

Index

1 Black City | 2 Approach | 3 Employed person | 4. inflation | 5. after the revolution | 6 idiots | 7. Slavery | 8. Flower | 9 hunger | 10. robbed pedestrians | 11- difference | 12. this time | 13. Mother | 14. Unemployed | 14. recommendation | 16 It’s morning | 17. helplessness | 18- photo | 19. indolent | 20. Taste | 21. Conflict | 22. Why it is so | 23. retirement | 24. Mark | 25. rapist | 26 my short story | 27- Arrangement | 28- Socialism | 26. punishment | 30. Just now | 31. his steps | 32. all around | 33- his age | 34. Sir | 35. Machine | 36- Slice of Gulab Jamun | 37. husband’s house | 38- His stick | 36. your share | 40- Comrades, my brothers | 491. Doll | 42. slap | 43. Identification | 44. Effort | 45. take off | 46. incomplete map | 47- King | 48. drawing | 46. bhanda | 50. lost man | 41. masculinity | 52. social worker | 43. advantage | 54. he got bored | 55. dead body | 56. this is also true | 57. this is the answer | 58- Your daughter | 56. dry bread | 60. nation builder | 61. remember | 62. It was that* | 63. ulde letters | 64. big door curtain | 65. chairs | 66. your shirt |67. listen short story

parsu-paras-dasot

Pages  – { 1-10  |  11-20  |  21-30  |  31-40  |  41-50  |  51-60  |  60-67 }

1. काला शहर

भूख लगने पर..
वह बोला–
मां ! ओ .मां, भूख लगी मां ।’
‘सोजा बेटा, “’सोजा !
देख, मैंने भी कुछ नहीं खाया। मैं भी भूखी हूं बेटा !
राजा बेटा है न तु .. ! सोजा बेटा “’सोजा ।’
और “दोनों चुप हो गये ।
थोड़ी देर बाद””’*
बच्चा उठा और जाकर दरवाजे पर खड़ा हो गया ।
उसने देखा– *“शहर,आसमान की तरह भिलमिला रहा है।
अचानक: “बिजली चली गयी।
अब”’
बच्चे ने शहर को देख’ ‘मां से कहा–
‘मां ..:*! ओ ..“*’मां, “शहर काला हो गया ।’

1. Black City

When you feel hungry..
He said-
Mother ! Oh mother, I am hungry mother.
‘Sleep, son,’ ‘Sleep!
Look, I also didn’t eat anything. I am hungry too son!
You are the king’s son, aren’t you? Soja son “’Soja.’
And both became silent.
After a while*
The child got up and went and stood at the door.
He saw– *“The city is shimmering like the sky.
Suddenly: “The power went out.
Now”’
The child looked at the city and said to his mother-
‘Mother ..:*! O..*’Mother, “The city turned black.”

2. दृष्टिकोण

ज़ेहन में घर बसाये’**
वह”सड़क पर खाली रिक्शा चला रहा था ।
अचानक*”उसका रिक्शा ट्रक से जा टकराया।
वह सड़क से चार फ़ीट दूर जा गिरा और’*’चिल्लाया–
मेरा: *घर*** ! [?
पास से गुज़रते राहगीर ने कहा–
अरे मृ्ख !
तू““’घर नहीं, रिक्शा चला रहा था।!

2. Approach

Make a home in your mind’**
He was driving an empty rickshaw on the road.
Suddenly his rickshaw collided with a truck.
He fell four feet away from the road and shouted-
Mine: *home***! ,
A passerby passing by said–
Hey fool!
You weren’t at home, you were driving a rickshaw.

3. नोकरी पेशा

चौके में से”
पत्नी ने पूछा–
“क्यों जी***आप कया खायेंगे”**? खिचड़ी बनालें ?
पति ने मेज़ पर रखे कैलेन्डर को देखा। .
उसे “अपने चारों-तरफ़ तीस के असंख्य अंक उभरते दिखे)
अब वह गरदन भुकाते बोला–हां ..“! “““बनालो ।’

3. Job Occupation

“out of kitchen”
The wife asked-
“Why sir, what will you eat”**? Make khichdi?
The husband looked at the calendar kept on the table. ,
He “saw countless figures of thirty emerging all around him.”
Now he nodded and said – Yes..”! “““Make it.”

4. महँगाई

वह ईंटें ढो-डो कर’“एक ढेर बना रही थी।
अब की बार’* ३ डालीं
उसने जैसे ही ईंटों के ढेर पर ईंटें डालीं, कुछ ईंटें खिसक कर
नीचे गिर गईं ।
ईंटों के गिरते ही
पास खड़े, सेठ ने कहा–‘आंखें फूट गईं क्या ? ज़रा ठीक से रखो।
एक भी ईंट टूठनी नहीं चाहिए”समझे ! *
‘मेरा पैर लचक गया था”’सेठजी !’ वह बोली ।
“मैं कुछ नहीं जानता । टांग भले टूट जाए, ईंट नहीं टूटना चाहिए।
मालूम है! ईंट कितनी महँगी हो गई है”*? ‘ सेठ बोला।
क्षण-भर” वह वहां रुकी ।
अब’”” वापिस जाते समय”’ उसने, पास ही खड़े सेठ के लड़के से
नज़र मिलाई
और “इस तरह मुस्कुराई, मानो कह रही हो–
सेठ साब..’“यह तो अपने लड़के से पूछो,’**
ये टांगें”* “कितनी महूँगी हैं?”

4. Inflation

She was carrying bricks and making a pile.
This time’* 3 casts
As soon as he put bricks on the pile of bricks, some bricks slipped.
Fell down.
as the bricks fall
Standing nearby, Seth said, “Are your eyes wide open?” Please keep it properly.
Not even a single brick should be broken.”Understood! ,
‘My leg had become loose” ‘Sethji!’ She said.
“I don’t know anything. Even if a leg breaks, a brick should not break.
I know! How expensive has brick become? ‘Seth said.
She stopped there for a moment.
Now””””””” while going back,” he said to Seth’s son standing nearby.
made eye contact
And smiled like this, as if she were saying–
Seth sir..’“Ask this to your son,’**
These legs”* “How expensive are these?”

5. क्रांति के बाद

तेज्ञ हवा से’*’
दरवाज़े”, खिड़कियां“’खड़ाक-खड़ाक की आवाज़ के साथ
खुल गये।
हॉल में लगे फ़ानूस”’“““थर-थराने लगे।
दीवार पर टंगी तस्वीर”संगमर-मरी फ़र्श पर गिरी
और’*”शीशा चटक’*’*”चूर-चूर हो गया।
दीवार पर अकेली कील दिख रही थी ।
कुछ ही समय बीता होगा, ”
एक हवा का भोंका”’खिड़की से हॉल में किसी तरह घुसा ।
अब”
उसने घुसते ही”“कील को देखा।
कील पर****“’पहले से बड़ी तस्वीर टंगी थी।

5. After The Revolution

With strong wind’*’
doors”, windows”‘with a rattling sound
Opened up.
The chandeliers in the hall started trembling.
The picture hanging on the wall fell on the marble floor.
And the glass shattered into pieces.
A single nail was visible on the wall.
It must have been some time, ”
A gust of wind somehow entered the hall through the window.
Now”
As soon as he entered, he saw the nail.
There was a larger picture hanging on the nail than before.

6. बेवकूफ़

मां की सौगन्ध खा कर!
वह बोला-सर ..“! मुझे दी गई शिक्षाओं का मैंने पूर्ण पालन
किया है।
सच मानिए “मैंने कभी झूठ नहीं बोला। चापलूसी नहीं की,
और न, कभी काम से जी चुराया'”‘
मुझे, सर ! मुझे अभी तक याद है,” पृथ्वी,’* ‘पृथ्वी की तरह
गोल है।
सर..:-/! मेरा प्रमोशन कुछ सालों से रुका है” प्लीज ! !
आई–‘से ..गेट आऊट ”बेवकूफ़ ! ! बॉस चिल्लाकर बोला।
बेवकूफ़’ शब्द सुन’” उसे गुरु की याद आ गयी ।
जिल्होंने “पाठ याद न करने पर, एक दिन उसे पीठते हुए
कहा था–
बिवकूफ़’ !
अब चेम्बर से बाहर निकलते ही”’
उसने” अपने कंधे उचकाये और”मुस्कुराते हुए बुदबुदाया–
बेवकूफ़ !

6. Dumb

I swear to my mother!
He said, “Sir..!” I fully followed the teachings given to me
Have done.
Believe it, “I never lied.” did not flatter,
And no, never shied away from work.
Me, sir! I still remember, ‘Earth,’* ‘Like Earth
Is round.
Sir..:-/! My promotion has been stopped for a few years” Please! ,
I–‘Say…get out” Idiot! , The boss shouted.
Hear the word ‘idiot.’” He remembered his teacher.
Jhilesh “For not remembering the lesson, one day he turned his back
Said–
Idiot’!
Now as soon as you come out of the chamber.
He shrugged his shoulders and murmured with a smile –
dumb !

7. गुलामी

मालकिन का आदेश सुनते ही”*
वह कमरे में आईना साफ़ करने चला गया।
कमरे में पहुंच”’उसने एक नज़र बाहर दौड़ाई
और’*’आईने में अपने-आपको देखने लगा ।
आईने में उसे अपना चेहरा धुंधला दिखाई दिया
फिर भी वह बहुत प्रसन्‍न हुआ ।
कुछ देर बाद ‘*
आईने को साफ़ करते ही’**
उसे अपना चेहरा देखने की पुनः इच्छा हुई ।
परस्तु
यह सोच” “आईना गंदा हो जाएगा!
वह ”कमरे से बाहर आ गया।

7. Slavery

As soon as I heard the mistress’s order*
He went into the room to clean the mirror.
Reaching the room” he took a look outside
And started looking at himself in the mirror.
he saw his face blurred in the mirror
Still he was very happy.
As soon as you clean the mirror**
He wanted to see his face again.
Parstu
This thinking” “The mirror will get dirty!
He “came out of the room.”

8. फूल

कोठे पर पहुंचते ही ”
उसने वेश्या से कहा–‘तुम’“’फूल की तरह खूबसूरत हो ।
तुम्हारी यह जगह नहीं । तुम्हें “मैं अपनी रानी बनाऊंगा ।’
थोड़ी देर बाद”*
सीढ़ियां उतरते समय उसने अपने हाथ से फूलों का गज़रा निकाला
मुस्कुराते हुए'”‘नाली की तरफ़ फेंक दिया।

8. Flower

As soon as we reach the brothel
He said to the prostitute, “You are as beautiful as a flower.”
This is not your place. “I will make you my queen.”
After a while*
While coming down the stairs he took out a bundle of flowers from his hand.
Smiling'”‘thrown towards the drain.

9. भूख

बेटे को पकड़ते हुए’* ;
उसने कहा– नाश *’मिटे ..’*’! मैंने तुक्के कितनी बार कहा–
दौड़ा मत कर, कूदा मत कर। “तू समभता क्यों नहीं”’?
यह सब देख-सुन पड़ोसन बोली–
“अरी बहन“! बच्चा है, दौड़ने-कूदने दो ।
तुम्हें मालूम नहीं दौड़ने कूदने से भुख अच्छी लगती है,
स्वास्थ्य अच्छा रहता है।’
प्रत्युत्तर में’** ॥॒
बह कुछ न बोली और-“’बेटे को इस तरह पीटने लगी,
मानो समभा रही हो–
ददौड़ने-कूदने से भूख अच्छी नहीं,”“अधिक लगती है ।’

9. Hunger

Holding the son’*;
He said– Destroy *’Mite..’*’! How many times have I said this…
Don’t run, don’t jump. “Why can’t you understand?”
Seeing and hearing all this the neighbor said-
“Hey sister!” It’s a child, let him run and jump.
Don’t you know that running and jumping makes you feel better?
Health remains
In response’** ॥॒
She didn’t say anything and started beating her son like this.
As if you are understanding-
Running and jumping is not good for hunger, it makes you feel more hungry.

10. लुटे राहगीर

रिटायरमेन्ट के पहले दिन”
पत्नी ने पूछा– क्यों जी ..:**, क्या साग बनालें”* ?!
उसने धीरे से जवाब दिया–‘अरबी बनालो
‘क्या कहा ..! !! “अरबी .. ! आप खा लेंगे”*?
पत्नी को कोई जवाब न दे”*
उसने बेटे से कहा–बिठे ! धूप बहुत तेज है; ऑफिस जाते समय
छाता लेते जाना ।’
अब
कुछ क्षण बाद’*’उसने पत्नी की तरफ़ देखा ।
जो,”’लुटे राहगीर की तरह चौके की ओर जा रही थी।

10. Robbed Pedestrians

“First day of retirement”
Wife asked– Why sir..:**, what vegetables should we make?!
He replied slowly – ‘Make it Arabic’
‘What did you say ..! , “Arabic .. ! Will you eat’*?
Don’t give any answer to your wife.
He said to his son–Sit! The sun is very bright; while going to office
Keep taking the umbrella.
Now
After a few moments’*’ he looked at his wife.
Who was going towards the square like a robbed passerby.

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